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सुलतानपुर, 26 अप्रैल  सुलतानपुर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी मेनका गांधी का जन्म 26 अगस्त 1956 को आर्मी में अधिकारी लेफ्टीनेंट कर्नल त्रिलोचन सिंह आनंद और अम्तेश्वर आनंद के घर पर दिल्ली (भारत) में हुआ। मेनका गांधी एक मशहूर भारतीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता है।

उन्होंने लॉरेंस स्कूल में पढाई पूरी की और बाद में लेडी श्री राम कॉलेज में दाखिला लिया। उसके बाद ही उन्होंने दिल्ली के जवाहलाल नेहरु यूनिवर्सिटी से जर्मन भाषा की पढाई की।

मेनका गांधी की संजय गांधी से पहली बार मुलाकात उनके चाचा के यहाँ एक पार्टी में हुई। उसके एक साल बाद ही 23 सितम्बर 1974 में मेनका गांधी की शादी भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी से हो गयी।

उन्होंने 1980 में पुत्र को जन्म दिया जिसका नाम वरुण रखा गया। जब संजय गांधी की विमान हादसे में मौत हो गयी उस वक्त मेनका गांधी केवल 23 साल की थी और उनका बच्चा केवल 3 महीने का था।

*मेनका गांधी का करियर* – आपातकाल के कारण जल्द ही संजय गांधी ने राजीनीति में आने का फ़ैसला लिया। संजय गांधी जहा भी जाते थे उनके साथ में मेनका गांधी नजर आती थी और वो उनके कामो में मदद करती थी।

मेनका गांधी ने खबरों की मैगज़ीन सूर्या की स्थापना की थी। इस मैगज़ीन ने सबसे महत्त्वपूर्ण काम तब किया जब आपातकाल के बाद 1977 में कांग्रेस की हार हुई थी। उस समय इस मैगज़ीन ने कांग्रेस की छवि को सुधारने में बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

इस मैगज़ीन में इंदिरा गांधी के साक्षात्कार प्रकाशित किए जाते थे जिसके कारण लोगों की नजरो में कांग्रेस की छवि को सुधारने में मदद मिली।

अचानक प्लेन क्रैश मे हुई संजय गांधी के मौत के कारण मेनका गांधी को 1982 में राजनीती में आना पड़ा। तमाम झंझावातों को झेलते हुये विपरीत परिस्थितियों मे श्रीमती मेनका गांधी ने अपने व पुत्र वरुण के साथ समाजिक संचेतना की अलख जगाती रही।उसके दुसरे ही साल कांग्रेस की हार या यू कहे कि स्वयं की उपेक्षा के कारण उन्होंने ख़ुद की पार्टी की स्थापना की। और उसे नाम दिया “संजय विचार मंच”।

इस पार्टी का मुख्य उद्देश था रोजगार देना और युवा को सक्षम बनाना। इस पार्टी ने आंध्र प्रदेश से चुनाव लड़ा और चार सीटे हासिल की। 1988 मेनका गांधी की पार्टी जनता दल में शामिल हो गयी।

मेनका गांधी को इस पार्टी की महासचिव बनाया गया था। इस पार्टी ने पहला चुनाव 1989 में जीता था। उस वक्त मेनका गांधी 1989 से 1991 तक पर्यावरण मंत्री बनी थी। उस समय उन्होंने प्राणियों के कल्याण के लिए कुछ कानून बनाए थे और साथ में ऐतिहासिक स्मारकों की रक्षा हेतु भी कुछ कानून बनाए थे।आज प्राणियों के प्रति मेनका की संवेदनशीलता पूरे विश्व मे पहचान की मोहताज नही।

1996 में उन्होंने पीलीभीत से चुनाव लड़ा और उसमे उन्हें जीत भी मिली। मेनका गांधी 1998 के चुनाव में भी जीत गयी थी।

1999 में उन्होंने बीजेपी का साथ दिया और उन्हें सामाजिक न्याय एवं सक्षमीकरण का मंत्री बना दिया गया। उस समय उन्होंने बहुत सारी सुधारना की जिसमे उनका प्रोजेक्ट ओएएसआईएस भी था। इस प्रोजेक्ट का परिणाम ये रहा की 2004 से नयी पेंशन निति अपनाई गयी (एनपीएस)।

देश के लिए हमेशा वो अपने काम पे ज्यादा ध्यान देती है और इसीलिए वो लोगों के कल्याण के लिए कार्य करती रहती है। जैसे की बच्चे को गोद में लेने के कानून में सुधारना करना और उन्हें लोगों के लिए आसान बनाना। जो बच्चे फूटपाथ पे रहते है उनके लिए हेल्पलाइन तैयार करना।

मेनका गांधी 2004 में बीजेपी में शामिल हो गयी। उन्होंने फिर से एक बार पीलीभीत से चुनाव लडे और वो जीत भी गयी। वो सब उनके काम का नतीजा था की वहा के लोगों ने उन्हें फिर जीता दिया।

क्योकी उन्होंने वहा पर लोगों के विकास पर ज्यादा ध्यान दिया था। 2009 में उनके पुत्र वरुण ने पीलीभीत से चुनाव लडे और जीत भी दर्ज की और मेनका गांधी ने आवंला से सीट जीती।2014 मे पुनः मेनका गांधी पीलीभीत से चुनाव जीत कर केन्द्र मे कैबिनेट मन्त्री का दायित्व प्राप्त कर देश के विकास मे एक हिस्सा बनी।

मेनका गांधी को मिले हुए कुछ पुरस्कार – Maneka Gandhi Awards

सुप्रीम मास्टर चिंग है इंटरनेशनल एसोसिएशन की तरफ़ से शाइनिंग वर्ल्ड कम्पैशन अवार्ड जिसके साथ 20,000 डॉलर का चेक था।

महिला सक्षमीकरण और बालकल्याण के कार्य के लिए ह्यूमन एचीवर अवार्ड।

रुक्मिणी देवी अरुन्दले एनिमल वेलफेयर अवार्ड

1992 में आरएसपीसीए की तरफ़ से लार्ड एर्स्किने अवार्ड

1994 का वर्ष का पर्यावरण कार्यकर्ता और शाकाहारी पुरस्कार

1996 में प्राणी मित्र पुरस्कार

1996 में पर्यावरण के कार्य के लिए महाराणा मेवार फाउंडेशन अवार्ड

1997 में मार्चिंग एनिमल वेलफेयर एंड सेल्लिंग प्राइज, स्विट्ज़रलैंड

1999 में वेणु मेनोन एनिमल अलायिज फाउंडेशन लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

1999 में सत्य, अहिंसा और शाकाहार के कार्य के लिए भगवान महावीर फाउंडेशन अवार्ड

1999 में देवालीबेन चैरिटेबल ट्रस्ट अवार्ड

2001 में इंटरनेशनल विमेंस एसोसिएशन वुमन ऑफ़ द इयर अवार्ड, चेन्नई

2001 में पर्यावरण और प्राणी कल्याण के कार्य के लिए दीनानाथ मंगेशकर आदिशक्ति पुरस्कार

2008 मेंए. एस. जी. जयकर अवार्ड

भाजपा प्रत्याशी केन्द्रीय मंत्री मेनका गान्धी के विषय मे कादीपुर विधानसभा मे चुनाव कार्य देख रहे गोपाल जी ने बताया कि मेनका जी हमेशा आमजन की सेवा मातृभाव से करती है।अपनी स्पष्टवादिता के लिये मशहूर मेनका सभीको पुत्रवत स्नेह देती है।ये ऐसी राजनैतिक व्यक्तित्व है जो झूठ को झूठ सच को सच कहने मे जरा सी भी हिचक नही दिखाती है।इसी लिये चाहे पीलीभीत हो या आवला हर जगह आमजनता के दिलो मे अपनी पहचान बनाकर सेवा और सहयोग भाव से लगी रहती है।

आज मेनका संजय गांधी अपने पति स्व.संजय गांधी की कर्मभूमि सुलतानपुर लोक सभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार है।