कैलिफोर्निया, 20 मई (आरएनआई) | गूगल अपने यूजर्स को जी-मेल से लेकर गूगल फोटोज को सुरक्षित रखने के लिए सिक्योरिटी टूल्स इनेबल करने की सलाह दे रहा है। इससे यूजर्स अपने अकाउंट और डाटा को हैक होने से बचा सकते हैं। गूगल ने इन फीचर्स को महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे आंकड़ें पेश किए हैं, जिनसे पता चलता है की यह फीचर्स कितने कारगर साबित हो सकते हैं।

न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया क रिसर्चर्स ने गूगल के साथ पार्टनरशिप की है। यह पार्टनरशिप यह पता लगाने के लिए की गई है की सिक्योरिटी टूल्स की मदद से किस स्तर तक हाईजैक की कोशिशों को रोका जा सकता है। हाल ही में वेब कांफ्रेंस में पेश किए गए रिजल्ट्स में यह सामने आया की गूगल अकाउंट में रिकवरी फोन नंबर एड करने से 100 प्रतिशत Bot अटैक्स, 99 प्रतिशत ऑटोमेटेड फिशिंग अटैक्स और 66 प्रतिशत टार्गेटेड अटैक्स को ब्लॉक किया जा सकता है।

गूगल कई सालों से यह बता कह रहा है और अब तो आंकड़ें भी यह साबित करते हैं की टू-स्टेप वेरिफिकेशन फिलहाल उपलब्ध सबसे सिक्योर माध्यम है। रिसर्च में यह बात सामने आई है की एसएमएस वेरिफिकेशन पर आधारित फोन नंबर का इस्तेमाल करने से 100 प्रतिशत ऑटोमेटेड बोट्स, 96 प्रतिशत बल्क फिशिंग अटैक्स और 76 प्रतिशत टार्गेटेड अटैक्स से बचा जा सकता है।

सभी टू-स्टेप वेरिफिकेशन के तरीकों में से फिजिकल सिक्योरिटी के सबसे मजबूत अकाउंट शील्ड है। यह सभी तरह के अटैक्स को ब्लॉक कर देता है। उसी रिसर्च ने यह भी देखा की डिफॉल्ट साइन-इन वेरिफिकेशन से क्या प्रभाव पड़ता है। इससे अगर किसी नाई डिवाइस या लोकेशन से साइन-इन की कोशिश होती है तो कंपनी इस तरह की एक्टिविटीज का पता लगा लेती है। इसके रिजल्ट्स के अनुसार इन तरीकों से बोट पर आधारित अटैक्स से तो बचा जा सकता है, लेकिन फिशिंग या टार्गेटेड अटैक्स में यह उतना कामगर नहीं है।