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कोलकाता, 14 सितंबर 2019, (आरएनआई)। कोलकाता के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार को सीबीाई ने साल्ट लेक स्थित कार्यालय में सुबह 10 बजे पेश होने के लिए कहा है। उन्हें सारदा चिट फंड घोटाला मामले में सीबीआई ने समन भेजकर पेश होने के लिए कहा गया था। लेकिन एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि वह उनके सामने पेश नहीं हुए और उनका फोन भी बंद है। अधिकारियों ने कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों से भी अलर्ट रहने को कहा है ताकि यदि वह किसी फ्लाइट से गए हैं या आएंगे तो उनके बारे में एजेंसी को पता चल सके।

इससे पहले कोलकाता उच्च न्यायालय ने राजीव कुमार से कहा था कि वह सीबीआई के पास अपना पासपोर्ट जमा करवा दें। शुक्रवार दोपहर को जैसे ही अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी छूट को हटाया तो सीबीआई की टीम पार्क स्ट्रीट स्थित उनके आधिकारिक आवास पर पहुंची लेकिन उन्हें वहां पुलिस अधिकारी नहीं मिले। जिसके बाद एजेंसी ने आवास पर समन को चिपका दिया था।

कुमार की गिरफ्तारी पर लगी छूट हटाते हुए अदालत ने शुक्रवार को कहा कि एजेंसी जब चाहे पूछताछ के लिए उन्हें बुला सकती है। जहां इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं कि सीबीआई उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह एजेंसी के साथ सहयोग करते हैं या नहीं। सीआईडी अधिकारियों के अनुसार राजीव 10 सितंबर को 10 दिनों की छुट्टी पर चले गए हैं।

1989 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव इस समय पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक के तौर पर कार्यरत हैं। माना जाता है कि पुलिस अधिकारी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी हैं। मीडिया में जब खबरें आईं कि सीबीआई पुलिस अधिकारी से पूछताछ कर सकती है तो ममता उनके समर्थन में आ गई थीं और उन्होंने रात भर धरना दिया था।

कुमार पर सारदा चिटफंड घोटाले से जुड़े अहम सबूतों और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने और उन प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप है जिन्हें सारदा समूह से पैसा मिला है। 2014 में जिस एसआईटी ने इस घोटाले की जांच की थी उसके अध्यक्ष राजीव थे। इसके बाद उच्चतम न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। यह घोटाला 2,460 करोड़ रुपये का है।