कोलकाता। जहां लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है और उक्त ऐलान के बाद से ही राजनीतिक पार्टियां युद्ध स्तर पर चुनावी कार्य में व्यस्त हो गई है। वही अरबों रुपये के सारदा चिटफंड घोटाला मामले में तीन सालों तक जेल की हवा खा चुके तृणमूल के निलंबित राज्यसभा सांसद कुणाल घोष ने अब भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय से इस मामले में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि 2013 में जब सारदा मामले का खुलासा हुआ था तब मुकुल रॉय ममता बनर्जी के सबसे विश्वस्त रणनीतिकार थे और तृणमूल के अखिल भारतीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी थे। सारदा मामले में मुकुल रॉय की संलिप्तता को लेकर कुणाल घोष कई बार हमलावर रहे हैं और मुकुल रॉय से लगातार गहन पूछताछ की मांग करते रहे हैं। इस बीच रविवार को उन्होंने एक बार फिर फेसबुक पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया और कहा कि सारदा मामले में जितने बड़े दोषी इस मामले में संलिप्त तृणमूल के अन्य नेता हैं, उससे बड़े दोषी मुकुल रॉय हैं।

वह चाहते हैं कि उनके साथ आमने-सामने बैठाकर मुकुल रॉय से पूछताछ की जाए। तब कई मामलों पर से पर्दा उठेगा। घोष ने दावा किया है कि मुकुल रॉय के भाजपा में जाने के बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ बहुत अधिक जांच नहीं की है, जिससे सारदा मामले के कई तथ्य अभी भी अनजान है और इस मामले में मुकुल रॉय भी आरोपित हैं। घोष का आरोप है कि सीबीआई की टीम मुकुल से भी पूछताछ तो कर चुकी है लेकिन उनसे बहुत अधिक पूछताछ नहीं हुई है।

इस बीच पिछले महीने 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जब सीबीआई ने कोलकाता के तत्कालीन पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से शिलांग स्थित सीबीआई दफ्तर में पूछताछ की थी तब उन्हें कुणाल घोष के भी आमने सामने बैठाया गया था। तब कुणाल ने कई सारे ऐसे तथ्य सीबीआई और राजीव कुमार के सामने रखे थे, जिससे यह पता चला था कि राजीव कुमार ने चिटफंड घोटाला मामले के तथ्यों से छेड़छाड़ की थी। अब उन्होंने मुकुल रॉय से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की मांग की है।