कोलकाता। अभी कुछ माह पहले कुछ दिन महान हस्तियों की प्रतिमा तोड़े जाने का सिलसिला शुरु हुआ था । व्यवस्था के सख्त होने के बाद यह सिलसिला थम गया था लेकिन अब फिर महानगर से सटे साल्टलेक में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश का मामला सामने आते ही उत्तेजना फैल गया। घटना आज सुबह 6:30 बजे के करीब साल्टलेक की है। यहां के भारतीय विद्या भवन के पास मौजूद आईलैंड पर लगाई गई गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा को कुछ लोगों ने तोड़ने की कोशिश की। सुबह के समय 3 लोग अचानक यहां एकत्रित हुए और ईंट से मारकर गुरुदेव की प्रतिमा तोड़ने लगे।

सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित होने लगे थे। हालात को भांपकर इनमें से दो लोग फरार हो गए, लेकिन एक को लोगों ने धर दबोचा। हालांकि तब तक अपराधियों ने प्रतिमा के चेहरे को विकृत कर दिया था। सूचना मिलने के बाद बिधाननगर दक्षिण थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों द्वारा दबोचे गए एक आरोपित को गिरफ्तार किया । उसका नाम सुजय मंडल है। वह सॉल्टलेक के दत्ताबाद का रहने वाला है।

लोगों ने बताया है कि सुबह 6:30 बजे के करीब ये लोग अचानक गुरुदेव की मूर्ति तोड़ने लगे थे। इन लोगों ने ऐसा क्यों किया, यह अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही इसमें शामिल दो और लोगों को तलाशने की कोशिशें तेज कर दी गई है। इधर जिस इलाके में गुरुदेव की मूर्ति तोड़ी गई है वह बिधाननगर नगर निगम क्षेत्र के 38 नंबर वार्ड में पड़ता है। यहां के तृणमूल के पार्षद निर्मल दत्त ने दावा किया है कि गिरफ्तार आरोपित भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा है।

हालांकि इस बारे में पुलिस की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। बता दे कि 7 मार्च 2018 को वामपंथी छात्र संगठनों के युवाओं ने कोलकाता के केवड़ातल्ला में लगी जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद की मूर्ति को तोड़ दिया था और वहां कालिख पोत दी थी। इसके बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा भी तोड़ी गई थी।

पिछले साल अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह में बीरभूम जिले में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति को भी सिरफिरों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था और अब गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को भी नहीं बख्शा गया है। बहरहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है।