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नई दिल्ली, 28 जनवरी 2020, (आरएनआई )। यूरोपियन यूनियन के 600 सांसदों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश किये जाने के खिलाफ लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने यूरोपियन यूनियन संसद के अध्यक्ष को पत्र लिखा है।

ओम बिड़ला ने सांसदों ने द्वारा सीएए के खिलाफ याचिका पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे दुनिया में सबसे बड़ी राज्यविहीनता का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम गलत उदाहरण पेश करेगा। किसी भी संसद के लिए इस तरह का फैसला देना सही नहीं, इसका इस्तेमाल गलत इरादे से किया जा सकता है।

बिड़ला ने पत्र में लिखा कि नागरिकता कानून को संसद के दोनों सदनों में नियमों का पालन करते हुए पास किया गया है। इस कानून के जरिए उन लोगों को आसानी से नागरिकता देने का प्रावधान है जिनका उनके देश में धर्म के आधार पर शोषण हुआ है। इस कानून का लक्ष्य कतई किसी की नागरिकता वापस लेने का नहीं है।

यूरोपियन यूनियन संसद के कुल 751 सांसदों में से 600 सांसदों ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था। जिसके खिलाफ ओम बिड़ला ने यह पत्र लिखा है।