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जामिया में हुई फायरिंग में पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि जिस लड़के ने गोली चलाई है उसके निशाने पर जामिया नहीं बल्कि शाहीन बाग़ था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ से पता चला है कि उसे अपने किए का कोई पछतावा नहीं है।

एनडीटीवी में छपी ख़बर के अनुसार दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह सोशल मीडिया, टीवी कवरेज और व्हॉट्सऐप वीडियो से काफी प्रभावित था। नाबालिग रामभक्त वहां दहशत फैलाकर सड़क खुलवाने आया था, लेकिन उसे पता नहीं था कि शाहीन बाग का रास्ता कहां से है।

पुलिस का कहना है कि नाबालिग आतंकी ने अपने परिवार को बताया था कि वह स्कूल जा रहा है, लेकिन उसने बस पकड़ी और नोएडा से दिल्ली आग गया. वह अपनी योजना को अंजाम देने के लिए अपने दोस्त से देसी पिस्टल भी मांगकर आया था।

ऑटो वाले ने यह कह के जामिया इलाके में छोड़ दिया कि वो शाहीन बाग नहीं जा पायेगा, वहां का रास्ता बंद है, यहां से पैदल चले जाओ। जिसके बाद वो करीब 12 बजे जामिया पहुंचा और उसने देखा कि यहां प्रोटेस्ट की तैयारी चल रही है, फिर उसने वहीं फायरिंग कर दी।