कोलकाता। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आज फिर तगड़ा झटका लगा है. लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद इस राज्य में तृणमूल कांग्रेस विधायकों एवं नेताओं का पाला बदलने का सिलसिला जारी है. आज नौपारा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस विधायक सुनील सिंह तथा पार्टी के 12 पार्षद सोमवार को दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए. सुनील सिंह ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में जनता ‘सबका साथ, सबका विकास’ चाहती है. यह मोदी जी की सरकार है, और हम राज्य में यही सरकार बनाना चाहते हैं, ताकि पश्चिम बंगाल का विकास किया जा सके.

बता दें, इससे पहले भी तीन विधायक और 50 से अधिक पार्षद टीएमसी का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं. बता दें, राज्य में ममता बनर्जी की टीएमसी को 42 लोकसभा सीटों में 22 सीटें मिली हैं जबकि बीजेपी के खाते में 18 सीटें गई हैं. 2014 में बीजेपी को राज्य में महज दो सीटों से संतुष्ट होने पड़ा था. लोकसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत पर पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी प्रतिक्रिया दी. ममता बनर्जी और भाजपा में लोकसभा चुनाव से ही तनातनी चल रही है. लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने बंगाल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि चुनाव के नतीजों के बाद 40 विधायक भाजपा में शामिल होंगे. पीएम मोदी ने कहा था कि ये विधायक लगातार उनके संपर्क में हैं.

इसके बाद भाजपा के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि टीएमसी विधायक किश्तों में भाजपा ज्वाइन करेंगे.हालही तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा गया गृह मंत्रालय का परामर्श भाजपा का ‘गहरा षड्यंत्र’ और द्वारा विपक्ष शासित राज्यों में ‘सत्ता हथियाने की चाल’ है. हालांकि, भाजपा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और दावा किया था कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गयी है. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी ने पत्र में लिखा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जमीनी हकीकत जाने बिना या राज्य सरकार से रिपोर्ट लिए बिना निष्कर्ष निकाल लिया. उन्होंने लिखा, ‘हम तृणमूल कांग्रेस की ओर से गृह मंत्रालय के परामर्श पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हैं और अपील करते हैं कि इसे तत्काल वापस लिया जाए.’