बाड़मेर,| निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव में पारदर्शिता के लिए सभी कार्य संपादित करने के लिए समय सीमा तय कर दी है। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के हलफनामे और संबधित दस्तावेज 24 घंटे के भीतर आयोग की वेबसाइड पर लोड करने के आदेश जारी किए हैं।

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार उम्मीदवारों की जानकारी में पारदर्शिता रखने के लिए हलफनामे के अलावा नामांकन संबंधी सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने की नई व्यवस्था लागू की गई है। इसकी मंशा वेबसाइट पर उम्मीदवारों को लेकर मिलने वाली आधी-अधूरी जानकारी को दुरुस्त करने के साथ आम जनता को उसके संभावित उम्मीदवार की पूरी प्रोफाइल एक क्लिक में उपलब्ध कराना है। निर्वाचन

आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी इकाई के निदेशक डॉ के पाठक की ओर से जारी किए दिशा-निर्देशों के मुताबिक सुविधा एप्लीकेशन को राज्य निर्वाचन कार्यालयों और आयोग की वेबसाइट से जोड़ा गया है। इससे किसी लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी की जानकारी को राज्य एवं केंद्रीय आयोग की साइट पर एक साथ तुरंत प्रभाव से अपलोड किया जा सकेगा। साथ ही देश के किसी भी कोने मंे किसी भी लोकसभा क्षेत्र से संबंधित जानकारी नामांकन के 24 घंटे के भीतर ली जा सकेगी। निर्वाचन आयोग की इस नवीन व्यवस्था के तहत उम्मीदवार के नामांकन के दस्तावेजों को सार्वजनिक किए जाने में विलंब से बचाने की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी को होगी। उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ परिवार की आय और संपत्ति के साथ अपराधिक पृष्ठभूमि का भी पूरा ब्यौरा देना होगा। इसके लिए आयोग ने दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया भी तय कर दी है। इसके तहत निर्वाचन अधिकारी को सभी दस्तावेज पीडीएफ फार्मेट में तत्काल सुविधा एप्लीकेशन पर अपलोड करने होंगे। हलफनामे अपलोड करने के लिए आयोग की मुख्य वेबसाइट से संलग्न करते हुए एक अलग पोर्टल भी बनाया गया है। आयोग ने कहा है कि इस व्यवस्था का पालन नहीं होने पर इसको गंभीरता से लिया जाएगा।