सीतापुर, 23 अप्रैल (आरएनआई) | सीतापुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी राजेश वर्मा इस बार फिर भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में है। सीतापुर संसदीय सीट पर कद्दावर नेताओ में एक है पर आम लोगो का जुड़ाव बस नाम का ही रहा। मोदी जी को हर भाषण में कहना पड़ रहा है कि आप हर एक वोट मेरे खाते में जुड़ने वाली हैं शायद उन्हें भी पता है लोग अपने क्षेत्र के सांसदों से खुश नही है इसी लिए उन्हें हर जनसभाओं में ये बोलना पड़ता है। अपने संसदीय कार्यकालों में लगातार क्षेत्र एवं जन समस्याओं की उपेक्षा के चलते मतदाताओं में उनके प्रति व्यापक रोष तो व्याप्त है। अब मोदी के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने के अलावा उनके आगे कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इस चुनाव में भी मतदाता मोदी की ओर देख रहा है।

बसपा से राजनीति की शुरुआत करने वाले श्री वर्मा दो बार बसपा से सांसद रहे। परंतु पिछले चुनाव में मोदी की लहर को देखते हुए मौके का फायदा उठा कर वह भाजपा में शामिल हो गए थे। मोदी लहर में सांसद बने। जनता का आरोप है कि श्री वर्मा ने अपने संसदीय कार्यकाल में जीतने के बाद कभी भी क्षेत्र की ओर मुड़कर नहीं देखा। चाहे वह ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था हो या फिर छात्राओं के लिए राजकीय डिग्री कॉलेज, बस स्टैंड, रेलवे क्रासिंग, ओवर ब्रिज जैसी तमाम जन समस्याएं हर बार चुनाव के बाद दम तोड़ती रहीं हैं।

इस ओर उन्होंने कभी भी मुड़कर नहीं देखा। यही नहीं आम कार्यकर्ता तथा मतदाता से भी उनकी दूरी बनी रही। इन सब मुद्दों को लेकर उनके प्रति मतदाताओं में आक्रोश है। मतदाताओं का कहना है कि मोदी के लिए राजेश को वोट देना मजबूरी है। मजेदार बात यह भी है कि इस चुनाव में भी न तो पार्टी के कार्यकर्ताओं की पूंछ है और न ही मतदाताओं से उनका कोई हालचाल लेने वाला है। यही नही श्री वर्मा के चुनावी कार्यालय पर मौजूद जब उनके एक नजदीकी से पूंछा गया तो उन्होंने कहा कहीं जाने की क्या जरूरत वोट तो मतदाता मोदी को देंगें। बहरहाल यह क्षेत्र इसी तरीके से उपेक्षित रहेगा मोदी के नाम पर भले ही पार्टी अपनी सीट निकाल लें पर सीतापुर का विकास होना टेढ़ी खीर लग रहा है।