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नई दिल्ली

श्री श्रीपाद येस्सो नाईक, माननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय एवं राज्य मंत्री, रक्षा मंत्रालय ने आज केन्द्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (के.यू.चि.अ.प.) द्वारा सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में स्थापित यूनानी चिकित्सा केन्द्र (यू.चि.के.) का उद्घाटन किया। उन्होंने केन्द्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद् (के.सि.अ.प.) द्वारा स्थापित सिद्ध नैदानिक अनुसंधान इकाई का भी उद्घाटन किया।

इस अवसर पर बोलते हुए, श्री श्रीपाद नाईक ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों की स्वास्थ्य देखभाल के प्रति विशेष रूचि ले रही है और आयुष्मान भारत के अन्तर्गत आयुष मंत्रालय देश भर में 1.5 लाख स्वास्थ्य एवं वेल्नेस केन्द्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी । उन्होंने बताया कि सरकार ने पूरे देश में 12,500 आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है जिनमें से 4000 इस वर्ष के दौरान स्थापित किये जाएंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यूनानी चिकित्सा केंद्र और सिद्ध नैदानिक अनुसंधान इकाई देश के विभिन्न हिस्सों से सफदरजंग अस्पताल आने वाले रोगियों को यूनानी और सिद्ध पद्धति के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेंगे।

अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में श्री प्रमोद कुमार पाठक, अतिरिक्त सचिव, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताएं पूरी करने के लिए स्वास्थ्य वितरण प्रणाली में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का समाकलन एक आदर्श और किफायती समाधान है। उन्होंने आगे कहा कि आयुष मंत्रालय भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के सर्वोत्तम विकास और प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध है और राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में उन्हें उपयुक्त जगह देकर मुख्यधारा में लाने का काम कर रही है।

डाॅ. डी.सी. कोटेच, सलाहकार (आयुर्वेद), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि यूनानी और सिद्ध केन्द्रों की स्थापना विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के समाकलन के लिए एक अच्छा कदम है जिस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में अधिक जोर दिया गया है।

डाॅ. सुनिल गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक, सफदरजंग अस्पताल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता के कारण आयुष पद्धति को दुनिया भर में अधिक स्वीकार्यता मिल रही है।

अपने समापन सम्बोधन में प्रो. आसिम अली ख़ान, महानिदेशक, के.यू.चि.अ.प. ने कहा कि  सफदरजंग अस्पताल में यू.चि.के. की स्थापना एलोपैथिक पद्धति के स्वास्थ्य सेवा वितरण नेटवर्क में आयुष सेवाओं की सह-स्थिति को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इसी उद्देश्य से के.यू.चि.अ.प. द्वारा डाॅ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, नई दिल्ली में स्थापित यूनानी चिकित्सा केन्द्र और यूनानी विशेषता केन्द्र लंबे समय से सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।

इससे पहले अपने स्वागत भाषण में प्रो. के. कनकवल्ली, महानिदेशक, के.सि.अ.प. ने सफदरजंग अस्पताल में आयुष केंद्रों की स्थापना करने के लिए भारत सरकार और सफदरजंग अस्पताल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने देश में सिद्ध के विकास के बारे में भी बताया।

इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों ने के.सि.अ.प. द्वारा प्रकाशित सिद्ध डाॅसियर और जर्नल आॅफ रिसर्च इन सिद्ध मेडिसन (द्वितीय अंक) तथा के.यू.चि.अ.प. द्वारा प्रकाशित मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापा पर पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया।

मोहम्मद नियाज़ अहमद

अनुसंधान अधिकारी (प्रकाशन)