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नई दिल्ली, 5 जुलाई (आरएनआई) | केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने आज लोकसभा में वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था इस वर्ष 3 ट्रिलियन डॉलर की हो रही है। क्रय शक्ति की समानता के रूप में यह विश्‍व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है। सरकार की अगले पांच वर्षों में बुनियादी ढांचे में इच्‍छा 100 लाख करोड़ रुपये निवेश करना है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 में एक लाख 5 हजार करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्‍य को बढ़ाना, क्रेडिट को बढ़ावा देने के लिए पीएसबी को 70 हजार करोड़ रुपये उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव, अंतिम पांच वर्षां में खाद्य सुरक्षा बजट को दोगुना करना, 10 हजार करोड़ रुपये के खर्च से विद्युत वाहनों को तेजी से अपनाना, अफ्रीका में 18 नए भारतीय दूतावास मिशन खोलना,‍ विश्‍वस्‍तरीय पर्यटन स्‍थलों में 17 महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थलों का विकास तथा 1,2,5,10 और 20 रुपये के सिक्‍कों की नई श्रृंखला जारी करना है।

अपने पहले बजट भाषण में वित्‍तमंत्री ने कहा कि जलजीवन मिशन के तहत 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों के हर घर को जल उपलब्‍ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सभी को घर उपलब्‍ध कराया जाएगा। अगले 5 वर्षों में पीएमजीएसवाई-3 के तहत 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 1,25,000 किलोमीटर लम्‍बी ग्रामीण सड़कों का उन्‍नयन कराया जाएगा, इन सड़कों की हर मौसम में कनेक्टिविटी 97 प्रतिशत से अधिक होगी, बांस, शहद और खादी कलस्‍टरों के लिए स्‍फूर्ति के तहत आम सुविधा केन्‍द्रों की स्‍थापना, कृषि ग्रामीण उद्योग क्षेत्रों में 75 हजार कुशल उद्यमियों के विकास के लिए 20 आजीविका व्‍यापार केन्‍द्रों और 20 तकनीकी व्‍यापार केन्‍द्रों की स्‍थापना, अर्थव्‍यवस्‍था के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में किए जाने वाले महत्‍वपूर्ण और नए कार्य हैं।

श्रीमती निर्मला सीतारामन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में एनडीए सरकार का पहला कार्यकाल काम करने वाली सरकार के रूप में रहा है। इसका लाभ आखिरी मील तक आपूर्ति करने वाला रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-19 के दौरान सरकार ने नवीन केन्‍द्र-राज्‍य गतिशीलता, सहकारी संघवाद, जीएसटी परिषद तथा वित्‍तीय विषय में गंभीर प्रतिबद्धता उपलब्‍ध कराई है। इससे नए भारत के निर्माण की गति प्रशस्‍त हुई है। नीति आयोग द्वारा योजित और सहायता से एक व्‍यापक आधार वाले थिंकटैंक ने ऐसे कार्य प्रदर्शन किए हैं कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के सिद्धांत सफल हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अनेक कार्यक्रमों और पहलों में सरकार ने अप्रत्‍याशित स्‍तर पर कार्य किया है।