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नई दिल्ली, 24 सितंबर 2019, (आरएनआई)। उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि पुलिस किसी आपराधिक मामले की जांच के दौरान अचल संपत्तियों को कुर्क नहीं कर सकती। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने उच्च न्यायालय का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 102 में अवैध संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने का पुलिस का अधिकार शामिल नहीं है।

पीठ के लिए आदेश पढ़ने वाले न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि यह सहमति से लिया गया फैसला है लेकिन न्यायमूर्ति गुप्ता ने कुछ अतिरिक्त कारण दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने किसी मामले की आपराधिक जांच के दौरान किसी संपत्ति को जब्त करने का पुलिस को अधिकार देने वाली आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 102 की व्याख्या की।

इससे पहले, बंबई उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि पुलिस को जांच के दौरान संपत्ति जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने अदालत के उक्त फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।