जगदीश यादव
कोलकाता।देश दुनिया कोरोनाकाल में जी रही है। ऐसे में सतर्कता के जरुरी है और  लोक आस्था के महा पर्व छठपूजा व्रती भी कहीं भी कोर्ट व मानवता के सम्मान में पिछे नहीं हट रहें है। वैसे जब जन आस्था सिर चढ़कर बोलती है तो सब कुछ बौना हो जाता है। छठ पूजा को लेकर मन चंगा तो कठौती में गंगा वाली कहावत कोरोना काल में साफ देखी जा रही है। महानगर सहित राज्य भर में लोग अपने घरों के आंगन में कृत्तिम जलाशय बना चुके हैं और आज आस्ताचल सूर्य को लोग व्रत का प्रथम अर्घ्य प्रदान करेंगे।  महानगर कोलकाता के तमाम जगहों पर लोग अपने घरों के आंगन में ही कृतिम जलाशय बनाकर छठ पूजा की तैयारी कर चुके हैं।\
इसी तरह का दृश्य आज कसबा इलाके में देखने को मिला। जहां शिवशक्ति सेवा संघ के सहयोग से कृतिम जलाशय बनाकर छठ व्रती छठ पूजा की तैयारी में दिखे।  बात करने पर आज शिवशक्ति सेवा संघ के संस्थापक वयोवृद्ध शुभ नारायण पाण्डेय, व्रती श्रद्धालु अमरावती देवी पाण्डेय और चिकू पण्डेय ने कहा कि देखिए लोगों की छठ पूजा में आस्था है और हमलोग नहीं चाहते है कि पूजन में किसी तरह का व्यवधान हो। मन चंगा तो कठौती में गंगा की तर्ज पर हमलोगों ने कृत्तिम जलाशय बनया और माता गंगा का अह्वान किया और हमे विश्वास है कि माता गंगा के स्मरण मात्र से ही कृतिम जलाशय गंगा के जैसा पावन हो जाएगा।
कोर्ट व सरकार के निर्देश के तहत हमलोग कार्य कर रहें हैं। इस दौरान बात करने पर कृष्णा पाण्डेय, शास्त्री रघुनाथ झा, विजय ठाकूर व अजय सिंह ने कहा कि कोरोना को लेकर सतर्कता बेहद जरुरी है और हमलोग कोर्ट व संविधान का सिर झुका कर सम्मान कर रहें हैं, जो कि हमारा कर्तव्य भी है। आशा है कि छठ माता कोरोना का नाश करेंगी। दुनिया से छठ पूजा के बाद कोरोना का खात्मा हो जाएगा। इधर बड़ाबाजार हो या फिर पोर्ट अंचल या दक्षिण या उत्तर चौबीस परगना जिला तमाम जगहों से छठ पूजा को लेकर कृत्तिम जलाशय के तैयार कर लेने की खबर है। जहां श्रद्धांलु छठ पूजन करेंगे। गैर सरकारी सूत्रों ने बताया कि केवल महानगर कोलकाता में पचासों जगहों पर कृतिम जलाशय बनाकर छठ पूजा की तैयारी अपने अंतिम चरण में रही।