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कोलकाता। एक बार फिर व्यवस्था की पोल खुल गई है। दुनिया भर में महान संस्कृति व कला के लिये ख्यात बंगाल में स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण मानवाधिकार की धज्जियां उड़ गई है। जी हां इसी महानगर कोलकाता के हरिदेव पुर में पैर में सूजन लिये एक व्यक्ति गोपाल मंडल ने अस्पताल दर अस्पताल ठोकर खाने के बाद दर्द से परेशान होकर खुदकुशी कर ली तो उक्त व्यक्ति के पिता भूतनाथ मंडल ने अपने बेटे की मौत के सदमे में प्राण त्याग दिये।

आरोप है कि हरिदेवपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल में दर्द से छटपटा रहे रोगी गोपाल मंडल को सारा दिन बैठाए रखने के बाद इलाज नहीं किया गया। व्यक्ति दर्द से इतना परेशान था कि उसने खुदकुशी कर ली। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद बूढ़े पिता भूतनाथ मंडल (59) की भी सदमे से मौत हो गई।

खबर के अनुसार गोपाल मंडल एक हादसे में घयाल हो गया था जिसके कारण उनके पैर में प्लेट लगाया गया था। लेकिन इन दिनों गोपाल के पैर में सूजन आ गई थी और बहुत ज्यादा दर्द कर रहा था। दर्द इतना बढ़ गया था कि बर्दाश्त नहीं हो रहा था जिसकी वजह से शनिवार को वह विद्यासागर अस्पताल पहुंचे थे।

उन्हें इमरजेंसी में सारा दिन बैठा कर रखा गया और रात को कहा गया कि डॉक्टर नहीं आएंगे। इसके बाद वह घर गए और खुदकुशी कर ली। सदमे से पिता की भी जान चली गई है। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी ने शिकायत दर्ज नहीं करायी है, लेकिन पुलिस ने घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। मामले पर नजर रखी जा रही है।