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नई दिल्ली, 28 जनवरी 2020, (आरएनआई )। लोकनिर्माण मंत्री अशोक चव्हाण ने खुलासा करते हुए कहा सरकार गठन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शिवसेना के सामने एक शर्त रखी थी।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने स्वीकार किया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी महाराष्ट्र में बनने वाली सरकार में शिवसेना को शामिल करने के खिलाफ थीं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने शिवसेना से लिखित में ये आश्वासन मांगा था कि महाराष्ट्र में सरकार संविधान के दायरे में काम करेगी।

वहीं अशोक चव्हाण ने कहा कि सोनिया गांधी ने साफ निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार हर हाल में संविधान के दायरे में काम करेगी। उन्होंने आगे महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं से ये भी कहा कि अगर सरकार उम्मीदों के मुताबिक काम नहीं करती तो हमें इस गठंबधन से अलग हो जाना चाहिए।

चव्हाण ने आगे कहा कि ये बात उद्धव ठाकरे को बताई और इससे सहमत थे। इसके बाद तीनों दलों ने मिलकर सरकार बनाई। चव्हाण ने यह भी कहा कि भाजपा को सत्ता से बाहर रखने और मुस्लिम समुदाय के आग्रह पर कांग्रेस सरकार में शामिल हुई।

गौरतलब है महाराष्ट्र में शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया था। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महा अघाड़ी गठबंधन के नेता चुने गए और उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।