कोलकाता। बिहार में चुनाव अंतिम चरण में है. आज मतदान के बाद अब लोगों की निगाहें 10 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हुई है कि बिहार में किसकी सरकार बनेगी, मगर बिहार चुनाव परिणाम निकलने से पहले ही बीजेपी का फोकस पश्चिम बंगाल पर हो गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार चुनाव के बीच बंगाल का दो दिवसीय दौरा कर यह साफ भी कर दिया था
और बंगाल बीजेपी को विधानसभा चुनाव में 200 से ज्यादा सीटें हासिल करने का टारगेट दिया. अब शाह के निर्देशानुसार बंगाल बीजेपी चुनाव की तैयारी में जोरशोर से जुट गयी है. बंगाल बीजेपी आज शाम को हेस्टिंग्स स्थित पार्टी कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलायी गयी .इस बैठक में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय  सहित पार्टी के अहम पदाधिकारी व नेता शामिल हुए इस बैठक में पार्टी विधानसभा चुनाव की रणनीति बनायेगी और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन की घोषणा कर सकती हैं.
बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता का कहना है कि दो दिवसीय बैठक दौरान शाह का स्पष्ट निर्देश है कि पार्टी को संगठन को मजबूत करना होगा. बूथ स्तर पर पार्टी के कार्यकर्ताओं को संगठित करना होगा, क्योंकि चुनाव में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका होती है. पश्चिम बंगाल में लगभगत 78000 मतदान केंद्र हैं. वरिष्ठ नेता ने कहा कि बीजेपी प्रत्येक बूथ पर कम से कम पांच सक्रिय कार्यकर्ता तैयार करेगी.
उन कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रत्येक बूथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार (के कार्यों, ममता सरकार की जनहित विरोधी नीतियों, भ्रष्टाटार व अन्य मुद्दा से आम लोगों के समक्ष उठाया जायेगा.प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी अब केवल ममता बनर्जी व उनके भतीजे और सरकार के एंटी इनकंबेंसी पर फोकस नहीं करेगी, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वह स्थानीय स्तर व स्थानीय विधायक या इलाके के आला तृणमूल नेताओं के खिलाफ अपनी मुहिम तेज करे. बीजेपी के वरिष्ठ नेता के अनुसार दिसंबर माह तक पार्टी लगातार स्थानीय तृणमूल नेताओं के खिलाफ अभियान शुरू करेगी.