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नई दिल्ली, 7 फरवरी 2020, (आरएनआई )। सीबीआई ने दो लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले में दिल्ली सरकार के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जिन्हें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) बताया जा रहा है। ओएसडी के साथ ही उसका सहयोगी धीरज भी गिरफ्तार हुआ है, जिसे अदालत में पेश किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि गोपाल कृष्ण माधव नामक अधिकारी को जीएसटी संबंधित मामले में कथित रूप से दो लाख रुपये रिश्वत लेते देर रात गिरफ्तार किया गया।अधिकारियों ने कहा कि माधव को पूछताछ के लिए तत्काल सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया।

सूत्रों ने कहा कि इस मामले में सिसोदिया की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है। वह 2015 से सिसोदिया के कार्यालय में तैनात हैं। यह गिरफ्तारी दिल्ली विधानसभा चुनाव से दो दिन पहले की गई है, जिसकी टाइमिंग और मंशा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

मुझे पता चला है कि सीबीआई ने एक जीएसटी इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह अधिकारी मेरे ऑफिस में बतौर ओएसडी भी तैनात था। सीबीआई को उसे तुरंत सख्त से सख्त सजा दिलानी चाहिए। ऐसे कई भ्रष्टाचारी अधिकारी मैंने खुद पिछले 5 साल में पकड़वाए हैं।

सिसोदिया से जब इस गिरफ्तार की टाइमिंग पर सवाल किया गया तो वह बोले कि कोई टाइमिंग का सवाल नहीं है, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस है। अच्छा हुआ कि वो पकड़ा गया अब उसे सख्त सजा मिले। मुझे पता होता तो मैं खुद उसे पकड़वाता।

मनीष सिसोदिया के ओएसडी के पकड़े जाने के बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट कर उप मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया, डिप्टी सीएम के दफ्तर में कोई ओएसडी अपने बॉस की जानकारी के बिना घूस नहीं ले सकता। पहले भी केजरीवाल और सिसोदिया पर भ्रष्टाचार के कई आरोप रहे हैं। हैरत है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ किए गए आंदोलन से जन्मी पार्टी, भ्रष्टाचार पर खत्म होगी।

नवाब मलिक ने सिसोदिया के ओएसडी की गिरफ्तारी पर कहा है कि चुनाव से दो दिन पहले जिस तरह की बदले की कार्रवाई की गई है, यह भाजपा की रणनीति है। चुनाव में आम आदमी पार्टी को नीचा दिखाकर भाजपा फायदा लेना चाहती है।