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कोलकाता। बुढ़ों की फौज से भरी पड़ी माकपा अब आगामी निकाय चुनाव में माकपा अधिक संख्या में युवा उम्मीदवारों को उतारकर अपने खोए आधार को वापस पाने की कोशिश करेगी। वाम दल की राज्य में अपनी सहयोगी कांग्रेस से भी बात चल रही है। वह यहां ऐसे तटस्थ उम्मीदवारों को चुनाव में उतारना चाहता है जो लोकप्रिय और साफ छवि वाले हों। 35 वर्ष से कम उम्र के युवा उम्मीदवारों को उतारना पार्टी का आंतरिक फैसला है।

इसका उद्देश्य 2021 विधानसभा चुनाव से पहले चुस्तदुरुस्त चुनावी मशीनरी को तैयार करना है। अप्रैल में कोलकाता नगर निगम समेत एक सौ से ज्यादा नगर निकायों में अप्रैल में चुनाव होने हैं। पार्टी की राज्य समिति के एक सदस्य ने कहा, ‘‘हमारे कुल उम्मीदवारों में से आधे से अधिक की उम्र 35 वर्ष से कम होगी। पार्षद के रूप में जिनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, उन्हें मौका नहीं दिया जाएगा। कांग्रेस से बात चल रही है, बंगाल में हम मिलकर लड़ेंगे।’