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लखनऊ, 2 फरवरी 2020, (आरएनआई )। राजधानी लखनऊ के पॉश इलाक़े हज़रतगंज में यह हत्या उस वक़्त की गई जब रणजीत बच्चन अपने भाई के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे.रणजीत के भाई को भी गोली लगी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.लखनऊ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोड़ा के मुताबिक़, “रविवार सुबह क़रीब छह बजे रणजीत बच्चन अपने मौसेरे भाई के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. हज़रतगंज इलाक़े में सीडीआरआई के पास बाइक सवार बदमाशों ने उनके सिर में गोली मारी जिससे उन्होंने मौक़े पर ही दम तोड़ दिया. बचाव में आए उनके भाई को भी गोली लगी है. घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्ज़े में ले लिया है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है.”जिस इलाक़े में रंजीत बच्चन की हत्या की गई है वो लखनऊ शहर का बेहद महत्वपूर्ण इलाक़ा है.इसी इलाक़े में विधानसभा, सचिवालय और तमाम सरकारी दफ़्तरों के अलावा अधिकारियों और मंत्रियों के आवास भी हैं.

एडिशनल सीपी नवीन अरोड़ा ने बताया कि क्राइम ब्रांच की आठ टीमें घटना की जाँच के लिए लगा दी गई हैं और पारिवारिक विवाद के अलावा कई अन्य पहलुओं से भी इसकी पड़ताल की जा रही है. रंजीत बच्चन के परिजनों से कोई बात नहीं हो सकी है और ना ही अभी तक परिजनों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत की गई है .पुलिस के मुताबिक़, रणजीत बच्चन हज़रतगंज की ओसीआर बिल्डिंग के बी-ब्लॉक में रहते थे. वह मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले थे और समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री भी थे.ओसीआर स्थित सरकारी आवास उन्हें उसी वक़्त से मिला हुआ था, जहाँ वो अब तक रह रहे थे.

एडिशनल सीपी नवीन अरोड़ा ने बताया कि साल 2002 से 2009 के दौरान समाजवादी पार्टी की ओर से निकाली गई साइकिल यात्रा में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और इसके लिए उन्हें पार्टी की ओर से सम्मानित भी किया गया था.नवीन अरोड़ा के मुताबिक़, रणजीत बच्चन ने विश्व हिन्दू महासभा नाम का एक संगठन बनाया था जिसके वे राष्ट्रीय अध्यक्ष थे.उनके घर से क़रीब दो किलोमीटर दूर स्थित ग्लोब पार्क से निकलते वक़्त बाइक सवार बदमाशों ने उन पर हमला किया.पुलिस के मुताबिक़, ओसीआर से लेकर ग्लोब पार्क तक के रास्ते के सभी सीसीटीवी फ़ुटेज खंगाले जा रहे हैं.पिछले साल 18 अक्टूबर को हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की भी कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी थी.कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले लोग भगवा कपड़ों में आए थे और मिठाई के डिब्बे में पिस्टल और चाकू छिपाकर लाए थे. इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया था.