लखनऊ . समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सच तो यह है कि समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी-राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन विचारों का गठबंधन है जो एकाधिकारवादी का मुकाबला करने में सक्षम है।
समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन के साथ जुड़कर राष्ट्रीय लोक दल ने मुख्यधारा की राजनीति को नई दिशा दी है। पूरब से पश्चिम तक एक नई लहर पैदा हुई है जिसका लक्ष्य नफरत और बंटवारे की राजनीति को समाप्त करने के लिए भाजपा को केन्द्र की सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना हैं।
भाजपा का विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि वह विघटनकारी नीतियों को विस्तार देती है। सामाजिक सद्भाव को नष्ट कर वह विकास की राहें बंद करती है। समाज के कमजोर वर्ग की वह उपेक्षा करती है। उसकी नोटबंदी और जीएसटी ने घरेलू अर्थव्यवस्था के साथ व्यापारिक प्रगति को भी अवरूद्ध कर दिया है। नौजवानों को बेरोजगारी के फंदे में फंसाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। भाजपा का बेरोजगारी पर सर्जिकल स्ट्राईक क्यों नहीं?
भाजपा के लिए संविधान नहीं आरएसएस की प्रतिबद्धता सर्वोपरि है। आरएसएस छल छद्म के सहारे चलता है जबकि समाजवादी वादे पर अमल करते हैं और वादा तोड़ने को भी भ्रष्टाचार मानते हैं। सच्चे समाजवादी ही परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं। अन्याय के विरूद्ध सतत संघर्ष उनके ही स्वभाव में है।
राजनीति को अपने न्यस्त स्वार्थो की पूर्ति के लिए इस्तेमाल करने में भाजपा को महारत हासिल है। इसी के चलते नए-नए विवाद खड़े होते हैं। संत कबीर नगर में एक बैठक में भाजपा सांसद-विधायक के बीच जूतमपैजार करते और भाजपा के एक अन्य सांसद को बाकायदा गालियों का उच्चारण करते सुना गया।
भाजपा को जनता की समस्याओं से कुछ लेना देना नहीं। वह तो मुद्दों से ध्यान भटकाना ही जानती है। उसकी प्राथमिकता में गांव-किसान खेती नहीं है। भाजपा ने तो असली चैकीदार किसान को ही बना दिया जो अपने खेतों की सुरक्षा में रात-रात भर खड़े रहते हैं। इस सबसे समाज का हर वर्ग आक्रोशित है। उसने अब बूथ स्तर पर भाजपा के विरूद्ध सर्जिकल स्ट्राइक का मन बना लिया है।
लोकतंत्र के इस पर्व को बिना शोरशराबे के चुपचाप सम्पन्न करना है। भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी एवं राष्ट्रीय लोक दल के पक्ष में गठबंधन के प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताने का संकल्प हर उस व्यक्ति को लेना होगा जिसकी प्रतिबद्धता समाजवाद, लोकतंत्र तथा सामाजिक सद्भाव के साथ है।
निश्चय ही यह एक बड़ी लड़ाई है। लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है। देश को संकट से उबारने के लिए एकजुट होकर सत्तारूढ़ दल के विरूद्ध मतदान कर समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी एवं राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन के प्रत्याशियों को जिताना राष्ट्रीय धर्म है।