कोलकाता। भाजपा के राष्ट्रव्यापी महाभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं से घरों और गाड़ियों पर पार्टी का झंडा लगाने को कहा गया है लेकिन इसे लेकर प्रदेश बाजपा के कार्यकर्ता आशंकित हैं कि पार्टी कार्यकर्ता और उसके समर्थकों को विरोधी तृणमूल कांग्रेस द्वारा निशाना बनाया जा सकता है, खास तौर पर उन इलाकों में जहां राजनीतिक हिंसा का इतिहास रहा है। प्रदेश भाजपा नेताओं ने आज कहा कि विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें जानकारी दी है कि अगर उन्होंने अपनी राजनीतिक संबद्धता जाहिर की तो वे “तृणमूल शासन के आतंक” की जद में आ सकते हैं। राज्य में सत्ताधारी पार्टी ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा राज्य में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को गुजरात में ‘मेरा परिवार, भाजपा परिवार’ अभियान शुरू किया था और दो मार्च तक लोकसभा चुनावों के ऐलान से पहले पांच करोड़ घरों को इसमें शामिल करने को कहा था। अभियान के तहत पार्टी की बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष और कई दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने अपने घरों और गाड़ियों पर पार्टी का ध्वज लगाया। घोष ने कहा, “हमनें अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से घरों पर पार्टी का झंडा लगाने और गाड़ियों पर स्टीकर लगाने को कहा है। हमें इसकी काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।”

भाजपा सूत्रों के मुताबिक हालांकि राज्य के विभिन्न जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं से नेताओं को यह जानकारी मिल रही है कि कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने में अपनी अक्षमता जाहिर करते हुए कहा है कि इससे पार्टी से सहानुभूति रखने वालों की “पहचान का खुलासा” हो सकता है और जमीनी स्तर पर उसके कार्यकर्ता “तृणमूल की हिंसा” का शिकार हो सकते हैं। राज्य में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “कभी टीएमसी का मजबूत गढ़ माने जाने वाले इलाकों में हमें काफी वोट मिले थे। अब अगर हमारी पार्टी से सहानुभूति रखने वाले इस अभियान में हिस्सा लेते हैं तो उनकी पहचान हो जाएगी। हम यह नहीं चाहते, उनकी सुरक्षा भी हमारी प्राथमिक चिंता है।”

भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि बंगाल के लोग ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं और अगर भाजपा को लगता है कि बंगाल में उसका बड़ा आधार है तो वह भ्रम में जी रही है। चटर्जी ने कहा, “…हम हिंसा की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उनका (भाजपा का) राज्य में सांप्रदायिक हिंसा का प्रयास बंगाल के लोगों द्वारा नाकाम कर दिया जाएगा।”