लोकसभा चुनाव में अब कुछ महीने ही बचे हैं आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीति पार्टीयां अपने अपने चुनाव प्रचार में लग गई

हैं आने वाले कुछ ही दिनों में लोकसभा चुनाव की तारिखों की घोषण हो सकती हैं जहाँ पुरा विपक्ष एकजुट होने का पुरी प्रयास कर  रहा हैं वही सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दलों के बिच बाद विवाद बड़ता दिख रहा हैं 2014 के लोकसभा चुनाव में जहां बीजेपी ने 282 सीटें हासिल की थीं, तो वहीं एनडीए के सहयोगियों ने 54 सीटों पर कब्जा जमाया था जिस वजहा से ये आकड़ा 335 सिट तक पहुँचा था।

लेकिन बाद में हुए उप-चुनाव में बीजेपी को एक एक कर कई सिटे गवाना पड़ी. लगातार एनडीए के सहयोगी दल के अलग होने से बीजेपी के खेमें में हलचल मची हैं कुश चंद्रबाबू नायडू और उपेंद्र नेता  कद्दावर नेताओं का साथ छूटने के बाद अब शिवसेना, अकाली दल और अपना दल जैसी पार्टियां एनडीए से अलग होने की धमकी दे रही हैं. यानी गठबंधन में गांठ पड़ती दिख रही है. बीजेपी इस गठबंधन को जोड़ने  में नाकाम रही तो 2019 की तस्वीरकुछ और होगी.

अकाली दल ने गुरुद्वारा मामले में दखलअंदाजी को लेकर बीजेपी को अल्टीमेटम दे दिया और कहा कि बीजेपी ने अगर तख्त, गुरुद्वारा मामले में दखलंदाजी बंद नहीं की तो गठबंधन हमारे लिए मायने नहीं रखेगा. हम बीजेपी सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे

वही एनडीए के मुख्य सहयोगियों में से एक शिवसेना लगातार बीजेपी वार कर रही है. कुछ दिन पहले ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की, लेकिन शिवसेना अपने रवैया से बाज नही आई शिवसेना का रवैया जस का तस रहा. शिवसेना लगातार बीजेपी सरकार की नीतियों की आलोचना करती रहती हैं दो दिन पहले ही शिवसेना ने राजग से अलग होने की धमकी दे डालीशिवसेना ने कहा,’वह पहले भी अकेले चली थी और आगे भी चल सकती है’. यानी सबकुछ ठीक-ठाक नहीं है. कहा जा रहा है कि शिवसेना महाराष्ट्र में बीजेपी के बराबर सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है

शिवसेना और अकाली दल के अलावा अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छी पकड़ रखने वाली ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी और अनुप्रिया पटेल का अपना दल भी लगातार एनडीए को आखँ दिखा रहा हैं और अलग होने की धमकी दे रहा हैं. अनुप्रिया पटेल और राजभर की बहुत से  मुद्दों पर  बीजेपी से जुदा  रही है, तो वहीं पूर्वोत्तर में जी-जान से जुटी बीजेपी को मेघालय के मुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष कॉनराड संगमा ने लगभग धमकी दे डाली. नेशनल पीपुल्स पार्टी विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 के मसले पर बीजेपी से ख़फा हैं उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एनडीए सरकार के साथ संबंधों को तोड़ने के लिए ‘उचित समय’ का इंतजार कर रही है.