दिल्ली: केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव से पहले कई वादे किए थे उसमें कुछ वादे केजरीवाल ने पूरे कर दिये थे। उन्हीं वादों में से केजरीवाल सरकार का एक बहुत बड़ा चुनावी वादा था कि पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का. जिस को लेकर लगातार केजरीवाल और दिल्ली एलजी के बीच घामासान दिखता रहा लेकिन अब जमीन पर काम दिखने लगा है। सीसीटीवी कैमरे लगने शुरू हो गए हैं. लेकिन  इन कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग न होने से इस पर सवाल भी उठ रहे हैं।

क्या है योजना?
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का दिल्ली सीसीटीवी कैमरा लगवाना चुनावी वादा था. इसलिए दिल्ली सरकार का पीडब्ल्यूडी विभाग दिसंबर तक दिल्ली में पहले चरण में 1,40,000 सीसीटीवी कैमरे लगाने में लगे हैं। चार विधानसभा के इलाकों  में करीब 1300 सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो चुका है। सभी विधानसभा में करीब 2,000 कैमरे लगना है। मोती नगर से आम आदमी पार्टी विधायक ने कहा  इसका पता लगने पर की अपने क्षेत्र में कि सीसीटीवी लग रहे हैं तब क्षेत्र के सभी निवासी कह रहे हैं  हमारे यहां भी लगाओ क्योंकि सिक्योरिटी हर आदमी चाहता है।

क्या है सीसीटीवी का सिस्टम?

दिल्ली सरकार के अनुसार सीसीटीवी वीडियो देखने का अधिकार केवल 5 लोगों को होगा-  RWA अध्यक्ष, स्थानीय PWD अधिकारी, सीसीटीवी लगाने वाली कंपनी BEL, लोकल पुलिस थाने के SHO और PWD कंट्रोल रूम।

सीसीटीवी से छेड़छाड़ होने या खराब होने पर सबको SMS जाएगा। किसी खराबी की सूरत में कैमरा लगाने वाली कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) 24 घंटे के भीतर इसको ठीक कराएगी नहीं तो 500 रुपये प्रति कैमरा रोज़ाना की पेनाल्टी लगेगी। सीसीटीवी चार मेगापिक्सेल कैमरा है, जो रात में देखने मे सक्षम है।