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कोलकाता। एक ओर जब महानगर कोलकाता में लालबाजार अभियान को लेकर भाजपाइयों व पुलिस के बीच मारपीट व टकराव चल रहा था। वहीं महानगर के ही नेताजी इंडोर स्टेडियम में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी छात्र छात्रओं को जीवन जीने से लेकर स्वास्थ्य ही नहीं सफलता पाने के गुण एक अभिभावक की तरह प्रदान कर रही थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज नेताजी इंडोर स्टेडियम माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान इस स्वागत समारोह में किया तो समारोह में स्कूली पांच बच्चो ने जेनकिंसिन शिक्षक स्थानांतरण के मुद्दे पर एक ज्ञापन भी दिया जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां मौजूद छात्र छात्रओं को जीवन जीने के गुण बताते हुए कहा कि यह राज्य हमेशा हर जगहा आगे रहता है. नासा से लेकर भाषा तक हमलोग अपनी सलाह प्रदान करते रहे है। इस राज्य के लोग कही भी किसी से कम नही है।

सीएम ने यहा मौजूद छात्र छात्रओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमे पता है कि आपलोग अंकों की दौड़ में अव्वल हैं लेकिन जीवन के दौड़ में भी अव्वल रहने के लिये तमाम बातों को ध्यान में रखना पड़ा है। केवल पढ़ाई में सिर खपाये रखना ही ठीक नही है। कंधे को ऊंचा रखना चाहिए। आखिर हम जैसे हाथ हिलाते है, कमर घुमाते है पांव हिलाते है इसी तरह से शरीर को गतिमान रखना होगा ताकि कोई बीमार नही हो। ममता बनर्जी ने हंसते हुए कहा कि हमे पता है कि आज सब कुछ मुट्ठी में है।

मेरे घर में भी एक चार साल की बच्ची है। वह मोबाइल पर गाना सुनने से लेकर फिल्म दिखना चाहती है लेकिन हमारा इंतजार नही करती बरन मोबाइल पर बोलकर खुद ही गाना सुनती और फिल्म देख लेती है। लेकिन आपलोगों को जिन माता पिता व शिक्षकों ने गढ़ा व तैयार किया है उन्हें याद रखना होगा और उनके पास ही रहना होगा। विदेश जाये या कही और लेकिन इनका क्याल रखना ही होगा और यह भी विकास का एक अंग है। मै तो खड़े खड़े फइलों को पढ़ती हूं। क्यो कि सारा दिन बैठकर शरीर को बीमार क्यों करे। इसलिये चक्कर काटते हुए और चलते चलते भी काम करती हूं। आप भी कंधों को सिधा रखे।