प्रवर्तन निदेशालय ने इन ज्वैलर्स से जुड़े कोलकाता,चैन्नई और जयपुर के कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापे की कार्रवाई की है। मैसर्स बांका बुलियन के मालिक हर्ष बोथरा की तस्करी और हवाला कारोबार में सबसे अहम रोल निभाता रहा है. फर्जी फर्मों के नाम से गोरखधंधे के लिए सोने चांदी का ये कारोबार कोलकाता से कई राज्यों में सामने आया है. जांच में यह खुलासा हुआ है कि जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए जिन विदेशी बैंकों से सोने को खरीदा जाता था, उनके नाम और मुहर को फर्जी तरीके से हटाकर देश में तस्करी के जरिए भेजा जाता है.

वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने हवाला कारोबार करने वाले बुलियन कारोबारियों के ठिकानों पर आज छापे की कार्रवाई की. प्रवर्तन निदेशालय की राजस्थान ईकाई ने राजस्थान के जाने माने ज्वैलर्स के ठिकानों पर छापेमारी की और हवाला कारोबार का सोने और चांदी का जखीरा जब्त किया जबकि बेनामी तरीके से कारोबार करने वाले ज्वैलर्स का देशी विदेशी मुद्रा का अकूत भंडार छापे की कार्रवाई में सामने आया है. प्रवर्तन निदेशालय ने जयपुर के जाने माने बुलियन और ज्वैलर्स कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा है.

‘‘ईडी को विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि जयपुर के महाराजा ज्वैलर्स (प्रोपराइटर तारा चंद सोनी), भगवती ज्वैलर्स (मालिक: राम गोपाल सोनी) और लाडीवाला एसोसिएट्स (मालिक: हनी लाडीवाला) चेन्नई के हर्ष बोथरा और बांका बुलियन्स प्राइवेट लिमिटेड आदि से तस्करी की सोने की छड़ें खरीद रहे थे।’’ ईडी के मुताबिक इस सूचना पर काम करते हुए पता चला कि सोने की छड़ों की तस्करी और उन्हें जयपुर पहुंचाने के मामले में कई लोग शामिल थे।

सोने की छड़ें मुख्य रूप से कोलकाता से जयपुर पहुंचती थीं और बहुत शुद्ध स्तर की होती थीं। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि संदिग्ध आरोपी सोने की छड़ों पर अंकित विदेशी निर्माता का निशान या बैंक का निशान हटा देते थे और देश में उसकी तस्करी करते थे। इसके बाद इन्हें विभिन्न तरीकों से घरेलू बाजार में खपाया जाता था। ईडी ने कहा, ‘‘जयपुर, कोलकाता और चेन्नई में विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी में 3.75 करोड़ रुपये की बेहिसाब भारतीय और विदेशी मुद्रा, 26.97 किलोग्राम सोने की छड़ें तथा आभूषण एवं 12.22 किलोग्राम चांदी के साथ अपराध की ओर इशारा करने वाले दस्तावेज मिले हैं।’’ एजेंसी ने कहा, ‘‘जब्त किये गये इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल उपकरणों की अभी जांच नहीं हुई है तथा इनसे अवैध लेनदेन के बारे में आगे और जानकारी मिल सकती है