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बांग्लादेश ने सेनवेस पार्क मैदान पर खेले गए आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में भारत को डकवर्थ लुइस नियम के तहत तीन विकेट से हराकर पहली बार चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया।

बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए चार बार की चैंपियन भारत को 47.2 ओवर में 177 रन पर ऑलआउट कर दिया और फिर 23 गेंद शेष रहते डकवर्थ लुइस नियम के तहत सात विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

भारत से मिले 178 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश को प्रवेज हुसैन इमोन (47) और तांजीद हसन (17) ने पहले विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके अच्छी शुरुआत दी।

इसके बाद बांग्लादेश ने अगले 52 रन के अंदर अपने छह विकेट गंवा दिए। इन छह विकेटों में तांजीद के अलावा महमुदूल हसन जॉय (8), तौहीद ह्रदोय (0), शहादत हुसैन (1), शमीम हुसैन (7) और अविषेक दास (5) के विकेट भी शामिल है।

102 रन तक अपने छह विकेट गंवाने के बाद बांग्लादेश की सारी उम्मीदें अब इमोन और कप्तान अकबर अली (नाबाद 43) पर टिकी हुई थी। इमोन और अली के बीच सातवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी से फिर से बांग्लादेश फिर मैच में अपनी पकड़ बनाती जा रही थी।

लेकिन तभी बल्ले से सर्वाधिक रन बनाने वाले यशस्वी जायसवाल ने गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए इमोन को आउट करके भारत को फिर से मैच में वापसी करा दी. इमोन ने 79 गेंदों पर सात चौके लगाए. इमोन के आउट होने के बाद अब बांग्लादेश की पूरी उम्मीदें कप्तान अली पर जा टिकी।

इसके बाद मैच में बारिश आ गई और खेल को कुछ समय के लिए रोक देना पड़ा. लेकिन खेल जब दोबारा शुरू हुआ तो बांग्लादेश को 30 गेंदों पर सात रन का संशोधित लक्ष्य दिया और जिसे उसने 23 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।

अली ने राकिबुल हसन (नाबाद नौ) के साथ मिलकर अपनी टीम को तीन विकेट से जीत दिलाकर पहली बार उसे चैम्पियन बना दिया। अली ने 77 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। भारत की ओर से रवि बिश्नोई ने 10 ओवर में 30 रन देकर सर्वाधिक चार विकेट लिए. उनके अलावा सुशांत मिश्रा ने दो और जायसवाल ने एक विकेट हासिल किया।