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जैसे-जैसे क्रिकेट आगे बढ़ रहा है वैसे ही उसके नियम और क़ानून भी बदल रहे हैं। नई तकनीक से क्रिकेट में बहुत बदलाव आ गये हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि पहले गांव में खेली जाने वाली क्रिकेट के अपने अलग नियम थे। जो शायद ही अब वो दोबारा वापिस आयें। आईये आपको आपके बचपन की याद दिलाते हैं। अक्सर लोगों के साथ ऐसा हुआ होगा।

बचपन के क्रिकेट के रूल-

आठ ईंटो की विकेट होगी

पहली बोल try बोल होगी

जो boundary से बहार बोल फेंकेगा,वो खुद उठा के लाएगा

दीवार को सीधी लगी तो छ्क्का, बाहर गई तो out

आखिरी batsman अकेला बेटिंग कर सकता है

जो बीच में गेम छोडेगा,उसको कल नहीं खिलाएगे

छोटे बच्चे सिर्फ फील्डिंग करंगे उनकी बेटिंग last में aayagi

जब अन्धेरा हो जाएगा तो बोल स्लो फेन्की जाएगी

तीन बोल लगातर वाईड तो ओवर cancel

लगातर तीन बोल खाली गई तो Batesman रिटायर

Match के दौरान यदि घर से बुलावा आता है तो बेटिंग नही कटेगी ,अगले दिन देनी पड़ेगी

out होने पर अम्पायर को माँ की कसम खानी पड़ेगी

Out होने वाला कहेगा की खा तू माँ की कसम कि मैं out हूँ।